बिरजू महाराज की अपने शागिों के बारे में क्या राय है?
Soln Date / Update:-28-Aug-2025 02:21PM
Solution:-
उत्तर:- शागिर्द का अर्थ होता है - शिष्य । बिरजू महाराज अपने शागिर्दो के बारे में कहते हैं कि थोड़ा-सा नाम और थोड़ा-सा पैसा कमा लेने को ही लोग अपना कला समझने लगते हैं। थोड़ी-सी तालियाँ बटोरने के बाद वे अपने-आप को श्रेष्ठ समझने लगते हैं परंतु यह गलत है। एक शिष्य को कभी-भी अपने-आप को परिपूर्ण नहीं समझना चाहिए। इससे उसके मन में ईर्ष्या, अंहकार और लोभ जैसी बुराईयाँ पैदा हो जाती है जो उसके विनाश का लक्षण है।