लेखक किस विडंबना की बात करते हैं? विडंबना का स्वरूप क्या है?
Soln Date / Update:-18-Aug-2025 05:15AM
Solution:-
उत्तर:- हमारे समाज में कुछ ऐसे भी लोग हैं जो जातिवाद का समर्थन करते. हैं। प्रकृति के अनुसार श्रम विभाजन आवश्यक है। परंतु यह आगे चलकर श्रमिक विभाजन का रूप धारण कर लेती है जिससे जाति प्रथा का जन्म होता है और समाज में ऊँच-नीच का भेदभाव पैदा हो जाता है। लेखक के लिए यही बात विडंबना है। बिडंबना का स्वरूप वर्ण-व्यवस्था है जिसके चार रूप हैं - ब्राह्ममण, क्षत्रिय, वैश्य और शूद्र।