गाँधीजी कताई और धुनाई जैसे ग्रामोद्योगों द्वारा सामाजिक क्रांति कैसे संभव मानते थे?
Soln Date / Update:-30-Aug-2025 03:38PM
Solution:-
उत्तर:- गाँधीजी कताई और धुनाई जैसे ग्रामोद्योगों द्वारा सामाजिक क्रांति संभव मानते थे। इससे गाँव और नगर के बीच का संबंध सुधरेगा और बुराईयाँ समाप्त हो जाएगी। देहातों का दिन-प्रतिदिन बढ़ने वाला ह्रास रूक जाएगा अमीरी और गरीबी के बीच कोई भेदभाव नहीं होगा। प्रत्येक लोग अपने जीवन गुजर-बसर करने लायक कमाई कर सकेगे।