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Siksha Aur Sanshkriti Subjective Question Answer Class-10

Soln Date / Update:-

25-Aug-2025 08:51PM

Solution:-

Q1. शिक्षा और संस्कृति के लेखक परिचय लिखें?

पूरा नाम:- महात्मा गाँधी

जन्म:- अक्टूबर, 1869 ई० को

जन्म स्थान:- अपोरबंदर, गुजरात

पिता का नाम :- करमचन्द गाँधी

गाँधीजी ने हिंद स्वराज, सत्य के साथ मेरे प्रयोग आदि पुस्तकें लिखी है उन्होंने हरिजन, यंग इंडिया आदि पत्रिकाओं का सम्पादन किया। जनवरी 1948 को नई दिल्ली में नाथूराम गोडसे द्वारा उनकी हत्या कर दी गई थी।  पूरा राष्ट्र अक्टूबर को उनकी जयंती मनाता है।

 

Q2. गाँधीजी बढ़िया शिक्षा किसे कहते हैं?

उत्तर:- गाँधीजी के अनुसार अहिंसक प्रतिरोध सबसे उन्नत और बढ़िया शिक्षा है। यह शिक्षा बच्चों को मिलनेवाली साधारण अक्षर-ज्ञान की शिक्षा से पहले दी जानी चाहिए ताकि बालक जीवन संग्राम में प्रेम से घृणा को, सत्य से असत्य को और कष्ट-सहन से हिंसा को आसानी से जीत सकें।

 

Q3. गांधीजी की दृष्टि में शिक्षा का मुख्य उद्देश्य क्या था और उसके पीछे उनका क्या तात्त्विक आधार था?

उत्तर:- ध्येय का अर्थ होता है- उद्देश्य। गाँधीजी के अनुसार शिक्षा का ध्येय है - चरित्र निर्माण। यदि समाज के शिक्षित वर्ग के लोगों में चरित्र निर्माण की भावना आ जाए तो वे साहस, बल और सदाचार से किसी भी बड़े लक्ष्य को प्राप्त कर सकते हैं। इस प्रकार हमारे देश का उचित विकास हो सकता है।

 

Q4. गाँधी जी के अनुसार शिक्षा का जरूरी अंग क्या होना चाहिए?

उत्तर:- गाँधी जी के अनुसार शिक्षा का जरूरी अंग होना चाहिए कि बालक जीवन संग्राम में प्रेम से घृणा को सत्य से असत्य को और कष्ट-सहन से हिंसा को आसानी से जीत सके।

 

Q5. इंद्रियों का बुद्धिपूर्वक उपयोग सीखना क्यों जरूरी है?

उत्तर:- मनुष्य के शरीर के हाथ, पैर, नाक, आँख, कान इत्यादि इंद्रियाँ हैं। इंद्रियों के बुद्धिपूर्वक उपयोग से बुद्धि का विकास जल्द-से-जल्द होगा परंतु शरीर और मस्तिष्क के विकास के साथ यदि आत्मा की जागृति न हो तो केवल बुद्धि का विकास घटिया साबित होगा।

 

Q6. शिक्षा का अभिप्राय गाँधीजी क्या मानते हैं?

उत्तर:- गांधीजी के अनुसार, सच्ची शिक्षा वह है जो बालक या मनुष्य के शरीर, मस्तिष्क और आत्मा के श्रेष्ठ गुणों को विकसित करे। उनका मानना था कि केवल पढ़ना-लिखना शिक्षा का उद्देश्य नहीं है; यह तो शिक्षा प्राप्त करने के अनेक साधनों में से एक मात्र साधन है। उनके अनुसार, साक्षरता अपने आप में शिक्षा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को प्रारंभ से ही कोई न कोई उपयोगी हस्तकला सिखाई जानी चाहिए, जिससे वे उत्पादन में समर्थ बन सकें।

 

Q7. मानव मस्तिष्क और आत्मा के सर्वोच्च विकास की दिशा में कौन-कौन से कारक सहायक हो सकते हैं?

उत्तर:- मस्तिष्क और आत्मा के सर्वोच्च विकास के लिए यह आवश्यक है कि किसी भी दस्तकारी को केवल यांत्रिक रूप से न सिखाया जाए, बल्कि उसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से समझाया जाए। इसका अर्थ यह है कि बच्चों को प्रत्येक कार्य की प्रक्रिया के पीछे का कारण भी समझाया जाना चाहिए। सम्पूर्ण शिक्षा ऐसी होनी चाहिए जो किसी न किसी दस्तकारी या उद्योग से जुड़ी हो, जिससे बच्चे व्यावहारिक ज्ञान के साथ-साथ गहरी समझ भी प्राप्त करें।

 

Q8. गाँधीजी कताई और धुनाई जैसे ग्रामोद्योगों द्वारा सामाजिक क्रांति कैसे संभव मानते थे?

उत्तर:- गाँधीजी कताई और धुनाई जैसे ग्रामोद्योगों द्वारा सामाजिक क्रांति संभव मानते थे। इससे गाँव और नगर के बीच का संबंध सुधरेगा और बुराईयाँ समाप्त हो जाएगी। देहातों का दिन-प्रतिदिन बढ़ने वाला ह्रास रूक जाएगा  अमीरी और गरीबी के बीच कोई भेदभाव नहीं होगा। प्रत्येक लोग अपने जीवन गुजर-बसर करने लायक कमाई कर सकेगे।

 

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