शिक्षा का अभिप्राय गाँधीजी क्या मानते हैं?
Soln Date / Update:-30-Aug-2025 03:34PM
Solution:-
उत्तर:- गांधीजी के अनुसार, सच्ची शिक्षा वह है जो बालक या मनुष्य के शरीर, मस्तिष्क और आत्मा के श्रेष्ठ गुणों को विकसित करे। उनका मानना था कि केवल पढ़ना-लिखना शिक्षा का उद्देश्य नहीं है; यह तो शिक्षा प्राप्त करने के अनेक साधनों में से एक मात्र साधन है। उनके अनुसार, साक्षरता अपने आप में शिक्षा नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि बच्चों को प्रारंभ से ही कोई न कोई उपयोगी हस्तकला सिखाई जानी चाहिए, जिससे वे उत्पादन में समर्थ बन सकें।