बिस्मिल्ला खाँ जब काशी से बाहर कार्यक्रम प्रस्तुत करते थे, तो वे क्या किया करते थे? इससे हमें कौन-सी सीख मिलती है?
Soln Date / Update:-30-Aug-2025 01:24PM
Solution:-
उत्तर:- बिस्मिला खाँ जब काशी से बाहर प्रदर्शन करते थे, तब विश्वनाथ एवं बालाजी मंदिर की दिशा की ओर मुँह करके बैठते थे। थोड़ी देर ही सही, मगर उसी ओर शहनाई का प्याला घुमा देते थे और भीतर की आस्था रीड के माध्यम से बजती थी ।इससे हमें सीख मिलती है कि मजहब हमें घृणा नहीं, प्रेम करना सीखाता है, मजहब किसी को बाँटता नहीं, उससे जुड़ना सीखाता है।