Bihar Board Class 10th Hindi Ch-9: आविन्यों Subjective Qusetion Answer Solution
Soln Date / Update:-25-Aug-2025 06:22PM
Solution:-
Q1. आविन्यों (ललित रचना) अशोक वाजपेयी का लेखक परिचय लिखें?
पूरा नाम: अशोक वाजपेयी
जन्म: 16 फरवरी 1941 ई0 में
जन्म स्थान: मध्य प्रदेश के दुर्ग नामक स्थान पर
मृत्यु: 16 अगस्त 2015 को
उनकी प्रारंभिक शिक्षा गवर्नमेंट हायर सेकेण्ड्री स्कूल, सागर से हुई। सागर विश्वविद्यालय से उन्होंने बी०ए० और सेंट स्टीफेंस कॉलेज, दिल्ली से अंग्रेजी में एम०ए० किया । उन्होंने आजीविका के रूप में भारतीय प्रशासनिक सेवा को चुना। महात्मा गाँधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय के प्रथम कुलपति के पद से सेवानिवृत हुए । वे दिल्ली में भारत सरकार की कला अकादमी के निदेशक थे। अशोक वाजपेयी को साहित्य अकादमी पुरस्कार, दयावती मोदी कवि शेखर सम्मान, फ्रेंच सरकार का ऑफिसर ऑव द ऑर्डर ऑव क्रॉस 2004 सम्मान प्राप्त हो चुका है।
Q2. अशोक वाजपेयी की प्रमुख रचनाएँ कौन कौन सी है लिखें?
कविता संकलन -कविता संकलन -
आलोचना -
Q3. आविन्यों क्या है और यह कहाँ स्थित है?
उत्तर:- आविन्यों दक्षिण फ्रांस में रोन नदी के किनारे वसा हुआ एक पुराना शहर है जहाँ कभी कुछ समय के लिए पोप की राजधानी थी।
Q4. हर वर्ष आविन्यों में किस समय और किस प्रकार का समारोह आयोजित होता है?
उत्तर:- हर वर्ष गर्मियों में आविन्यों में फ्रांस और यूरोप का एक अत्यंत प्रसिद्ध और लोकप्रिय रंगमंच उत्सव आयोजित किया जाता है।
Q5. लेखक आविन्यों किस उद्देश्य से गए थे? वहाँ उन्होंने क्या देखा-सुना?
उत्तर:- पीटर ब्रुक का विवादस्पद 'महाभारत' पहले पहल प्रस्तुत किया जानेवाल था और लेखक को निमंत्रण देकर बुलाया गया था। उन्होंने वहाँ देखा कि आविन्यों से कुछ मिलोमीटर दूर पत्थरों की एक खदान में उसकी भव्य प्रस्तुति हुई थी। वे कुछ दिन वहाँ ठहरे थे । कुमार गन्धर्व आए थे और उन्होंने आर्कविशप के पुराने आवास के बड़े से आँगन में गाया था जिसकी एक बन्दिश लेखक को आज भी याद है - दुमद्रुम लता-लता।
Q6. ला शत्रूज क्या है और यह कहाँ स्थित है? आजकल उसका क्या उपयोग होता है?
उत्तर:- रोन नदी के दूसरी ओर आविन्यों का एक और हिस्सा है जो लगभग स्वतंत्र है। उसका नाम है- वीलनव्व ल आविन्यों अर्थात आविन्यों का नया गाँव या नई बस्ती । वहाँ फ्रेंच शासकों ने पोप की गतिविधियों पर नजर रखने के लिए किला बनवाया था। उसी में कार्यूसियन सम्प्रदाय का एक ईसाई मठ बना जिसे ला शत्रूज के नाम से जाना जाता है।
आजकल उसे एक संरक्षित स्मारक बना दिया गया है एवं उसमें एक कलाकेंद्र की स्थापना की गई। यह केंद्र इन दिनों रंचमंच और लेखन कार्य से जुड़ा हुआ है । रंग कर्मी, रंगसंगीतकार, अभिनेता, नाटककार आदि वहाँ आते हैं और पुराने ईसाई सन्तों के चैम्बर्स में कुछ अवधि के लिए रहकर सारा समय अपना रचनात्मक काम करने में बिताते हैं।
Q7. लेखक आविन्यों क्या-क्या साथ लेकर गए थे और वहाँ कितने दिनों तक ठहरे थे? लेखक की उपलब्धि क्या रही?
उत्तर:- लेखक आविन्यों अपने साथ हिन्दी का टाइपराइटर, तीन-चार पुस्तकें और कुछ संगीत के टेप्स भर ले गए थे। वे वहाँ कुल उन्नीस दिन, 24 अक्टूबर से 10 नवम्बर 1994 की दोपहर तक रहे। कुल उन्नीस दिनों में उन्होंने पैंतीस कविताएँ और सत्ताईस गद्य की रचना किए।
Q8. नदी और कविता में लेखक क्या समानता पाता है?
उत्तर:- नदी और कविता में लेखक काफी समानता पाता है। नदी और कविता दोनों ही युग-युग से मनुष्य का साथी है। जिस प्रकार नदी कभी जल रिक्त नहीं होती ठीक उसी प्रकार कविता कभी शब्द रिक्त नहीं होती है। नदी में अनेक स्त्रोतों से जल आकर विलिन हो जाते है उसी प्रकार कविता में भी तरह-तरह के चित्र, भंगिमाएँ, जीवन-छवियाँ आकर मिलती रहती है।
Q9. नदी तट पर बैठे लेखक को क्या अनुभव होता है?
उत्तर:- नदी तट पर बैठे हुए लेखक को अनुभव होता है कि नदी के तट पर बैठना एक तरह से नदी के साथ बहने जैसा है। कभी-कभी तो ऐसा प्रतीत होता है कि नदी का जल स्थिर है और तट ही बह रहा है। नदी तट पर बैठना भी नदी के साथ बहना है।
Q10. नदी तट पर लेखक को किसकी याद आती है और क्यों?
उत्तर:- नदी तट पर पहुँचकर लेखक को कवि विनोद कुमार शुक्ल की याद इसलिए आती है क्योंकि उन्होंने अपनी एक कविता में यह कहा है कि नदी-चेहरा लोगों से मिलने जाता है। नदी के किनारे रहने वाले लोग भी धीरे-धीरे नदी-चेहरे जैसे हो जाते हैं।