नदी तट पर बैठे लेखक को क्या अनुभव होता है?
Soln Date / Update:-28-Aug-2025 06:06PM
Solution:-
उत्तर:- नदी तट पर बैठे हुए लेखक को अनुभव होता है कि नदी के तट पर बैठना एक तरह से नदी के साथ बहने जैसा है। कभी-कभी तो ऐसा प्रतीत होता है कि नदी का जल स्थिर है और तट ही बह रहा है। नदी तट पर बैठना भी नदी के साथ बहना है।