लेखक मानव चेतना को आर्थिक संबंधो से प्रभावित मानते हुए भी उसकी सापेक्ष स्वाधीनता किन दृष्टांतो द्वारा प्रमाणित करता है?
Soln Date / Update:-26-Aug-2025 06:59PM
Solution:-
उत्तर:- द्वन्द्वात्मक भौतिकवाद यह मानता है कि मनुष्य की चेतना आर्थिक संबंधों से प्रभावित होती है, परंतु वह उसकी सापेक्ष स्वतंत्रता को भी स्वीकार करता है। आर्थिक संबंधों से प्रभावित होना एक बात है, किंतु चेतना का पूर्णतः उन्हीं द्वारा निर्धारित होना दूसरी बात है। भौतिकवाद का अर्थ भाग्यवाद नहीं है। हर चीज़ परिस्थितियों द्वारा अनिवार्य रूप से निर्धारित नहीं होती। यदि मनुष्य परिस्थितियों का पूर्ण नियंत्रक नहीं है, तो परिस्थितियाँ भी मनुष्य की पूर्ण नियामक नहीं हैं। दोनों के बीच संबंध द्वन्द्वात्मक है। इसी कारण साहित्य भी सापेक्ष रूप से स्वतंत्र होता है।