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जैसे मनुष्य की पूँछ लुप्त हो गई, वैसे ही एक दिन उसके नाखून भी झड़ जाएँगे - प्राणिशास्त्रियों के इस अनुमान से लेखक के मन में किस प्रकार की आशा उत्पन्न होती है?

Soln Date / Update:-

22-Aug-2025 11:33AM

Solution:-

उत्तर:- प्राणिशास्त्रियों का ऐसा अनुमान है कि मनुष्य का अनावश्यक अंग उसी प्रकार झड़ जाएगा, जिस प्रकार उसकी पूँछ झड़ गई है। उस दिन मनुष्य की पुशता भी लुप्त हो जाएगी । शायद उस दिन वह मरणास्त्रों का प्रयोग भी बंद कर देगा। मनुष्य में जो घृणा है, जो अनायास-बिना सिखाए आ जाती है, वह पशुत्व का सूचक है और अपने को संयत रखना, दूसरे के मनोभावों का आदर करना मनुष्य का स्वधर्म है। अभ्यास और तप से प्राप्त वस्तुएँ मनुष्य की महिमा को सूचित करती हैं।

NCERT Class-10 Hindi Solution Ch-4 Subjective QNA
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NCERT Class-10 Hindi Solution Chapter-4
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