नख बढ़ाना तथा काटना मनुष्य की स्वाभाविक प्रवृत्तियाँ क्यों मानी जाती हैं? इनका क्या तात्पर्य है?
Soln Date / Update:-22-Aug-2025 11:22AM
Solution:-
उत्तर:- सहजात वृत्तियाँ अनजान स्मृतियों को कहते हैं। शरीर ने अपने भीतर ऐसा गुण पैदा कर लिया है जो शरीर के अनजाने में भी अपना काम करते रहता है। जैसे नाखून का बढ़ना, केश का बढ़ना, दाँत का दुबारा उठना, पलकों का गिरना इत्यादि । नाखून का बढ़ना पशुता की निशानी है और उन्हें काटना मनुष्यता की निशानी है। परंतु मनुष्य के नाखून को चाहे जितनी बार काट दो, वह मरना नहीं जानती है। अर्थात् मनुष्य में आज भी पशु का गुण मौजूद है।