व्याख्या करेः कंचन माटी जानै।
Soln Date / Update:-31-Aug-2025 05:36AM
Solution:-
उत्तर:- प्रस्तुत पंक्ति हमारी पाठ्य पुस्तक हिंदी पात के काव्यखंड से राम नाम बिनु बिरथे जगि जनमा शीर्षक से लिया गया है। जिसके लेखक गुरु नानक जी है। वह इस पंक्ति के माध्यम से यह बताना चाहते है। की जो मनुष्य दुःख को दुःख नहीं समझता है। समय के अनुसार सुख, भोजन और सोने को मिट्टी के समान समझता है। वाही व्यक्ति भगवान को प्राप्त कर सकता है।वह सब कुछ त्यागकर राम नाम का जप करता है। उसे सांसारिक विषयों की कोई चिंता नहीं होती, जिससे उसके हृदय में भगवान का वास हो जाता है।